The voice that echoed in our house – हमारे घर में गूँजती हुई वो आवाज़ – छन छन छन

         यह बात उन दिनों की है जब मैं नवमी कक्षा में पढ़ता था। तब मेरी उम्र 14 साल थी। कुछ समय में अपनी फैमिली के साथ रहता था, मेरी फैमिली में मम्मी पापा और मेरी छोटी बहन भी थी। मेरे पापा गवर्नमेंट की नौकरी करते थे इसलिए हमें सरकारी क्वाटर्स में रहना पड़ता था। जब मेरे पापा का प्रमोशन हुआ था तब हम ने उस कॉलोनी में एक बड़ा सा फ्लैट ले लिया। उसके बाद हम नए फ्लैट में शिफ्ट हो गए मैं बहुत ही खुश था, क्योंकि मैं सोच रहा था कि मैं अपना एक अलग से कमरा लूंगा।

पता नहीं क्यों जिस दिन से हम उस घर में रहने के लिए गए थे तब से मुझे उस घर में अजीबोगरीब बेचैनी महसूस हो रही थी। उस घर में मुझे देर से सोने की आदत थी क्योंकि हमारा TV चैनल वाला हर रात को एक नई फिल्म दिखाता था। और मेरे मम्मी पापा और बहन दूसरे कमरे में जल्द सो जाते थे। शुरु शुरु में तो सब कुछ ठीक था लेकिन अचानक मुझे एक रात को जब मैं अपने बेड पर बैठकर मूवी देख रहा था तो अचानक मुझे रूम के बाहर से किसी की आवाज सुनाई दी मुझे लगा कि मम्मी यहां पानी पीने के लिए उठी होगी। मैंने ध्यान नहीं दिया हां लेकिन मैंने TV का आवाज थोड़ा धीमा कर दिया लेकिन 4-5 मिनट के बाद फिर से वही आवाज आने लागी। वह आवाज किसी औरत के चलने पर उसके पायल की आवाज आती हो जैसे की छन छन छन बिल्कुल ऐसे ही आवाज़ आ रही थी। मैंने TV का आवाज बिल्कुल बंद कर दिया लेकिन बाहर से वही आवाज़ आ रही थी छन छन छन। यह आवाज सुनकर मेरा शरीर कांपने लगा और मेरे रोंगटे भी खड़े हो गए। आवाज़ लगाता आ रही थी ओर 4-5 सेकंड के लिए सुनाई देती थी उसके बाद बंद हो जाती थी बाद में 3-4 मिनट के बाद फिर से छन छन छन।

जैसे कि कोई भारी पायल पहन कर चल रही हो। मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा है ऐसा लग रहा था कि अभी मेरा हदय छाती में से बाहर निकाल कर मुंह में आ जाएगा पता ही नहीं चल रहा था कि मैं क्या करूं? मैंने सोचा कि मैं अपने मम्मी पापा को भी उठाकर उनसे सारी बातें बता दु। बाद में मैंने हिम्मत करके दरवाजा खोला तो अचानक वही आवाज सुनाई दी छन छन छन। उस समय वही आवाज बिल्कुल मेरे सामने से आ रही थी ऐसा लग रहा था कि कोई नई परणीत स्त्री चलकर मेरे पास आ रही हो। लेकिन सिर्फ आवाज ही आ रही थी सामने कोई भी नहीं दिख रहा था और आवाज भी बिल्कुल स्पष्ट सुनाई दे रही थी छन छन छन।

मैंने मम्मी पापा को जगा दिया और सारी सच्चाई उनको बता दी, मेरे पापा इस बात को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी, वैसे भी वह सब पूरी तरह नींद में थे। किसी ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया बाद में मैं अपनी मम्मी पापा के साथ उनके कमरे में सो गया। ऐसे ही 3-4 दिन निकलने के बाद एक रात को फिर से वही आवाज सुनाई दी छन छन छन। बाद में मुझे उस आवाज की आदत पड़ गई।

आवाज आने का कोई भी समय नक्की नहीं था कभी कभी वह आज 10:00 बजे या फिर 10:30 बजे भी आती थी, परंतु एक बात तो पक्की थी कि वह आवाज सिर्फ मुझे ही सुनाई दे रही थी और दूसरे किसी को भी नहीं। कभी-कभी मैं वह आवाज मुझे बहुत ही डर जाता था। लेकिन हमारी कमी कभी भी कुछ भी खराब नहीं होना था।

8-9 महीने बाद हमें एक नया फ्लैट मिल गया और हम वहां पर शिफ्ट हो गए। उसी फ्लेट में हमारी जगह पर जो नए लोग रहने के लिए आए थे वह हमारे जान पहचान के लोग थे, उनका बेटा मेरा बहोत अच्छा दोस्त था और उनका फैमिली काफी बड़ा था। एक दिन वह अंकल हमारे घर पर आए ओर हमसे पूछा कि क्या आपको कभी-कभी कोई आवाज़ सुनाई दे रही थी? बस, यही बात सुनकर मुझे पूरा यकीन हो गया था कि वह कोई मेरा वहम नहीं था। उस अंकल के पूरे परिवार ने वही आवाज सुनी थी। आखिर में मेरे मम्मी पापा को यकीन हो गया कि मैं झूठ नहीं बोल रहा था बाद में उन लोगोने घरमें पूजा पाठ करवाया। हमने यह बात जानने की कोशिश की थी कि उस घर में आखिर हुआ क्या था? तब जाकर पता चला कि उस घर में एक नहीं बल्कि छे छे आत्माएं रह रही है।

उस बातको 14 वर्ष हो गए और अब मैं बड़ा हो गया। मुझे पता नहीं है कि क्या आज भी वही आवाज सुनाई दे रही है या नहीं। लेकिन आज भी मैं उस आवाज के बारे में सोचता हूं तो मेरे मन में एक अजीब सा डर लगने लगता है। भगवानकी कृपा है कि आज सब कुछ ठीक है।

3 thoughts on “The voice that echoed in our house – हमारे घर में गूँजती हुई वो आवाज़ – छन छन छन

    1. Thank you for intrest to us. But at that time, there are no service available at this site. If may be Possible we contact to you soon.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *