Meri Sautan ki Aatma – मेरी सौतन की आत्मा

     अनामिका शर्मा जो एक सामाजिक कार्यकर्ता, उसकी शादी पटना मैं हुई थी। शादी के दो साल मैं ही उसका तलाक हो गया था। अब वो अपने माता पिता के साथ पुणे मैं ही रहती है और वो एक संस्था के साथ जुड़ी हुई है जो घरेलु हिंसा के शिकार होने वाली महिलाओ की सहाय करती है। शादी तुटने से कोईभी महिला खुश नहीं रहती है लेकिन शादी करके जुलम सहने से अच्छा है कि हम अकेले ही रहे।

आज में आप को एक भयानक रहस्य बताती हु की जिस बजह से मेरा तलाक हुआ था। वैसे तो मेरे पति मेरा बहोत ही अच्छा ख्याल रखते है लेकिन जब उनको गुस्सा आता है तो वो एक अजीब इंसान बन जाते है, उनकी आवाज भी भारी हो जाती है। लेकिन मुझे ऐसा लगता था कि उनके गुस्से की बजह से उनके अंदर ऐसा बदलाव आ जाता है, लेकिन ऐसा बिल्कुन नहीं था। उनके ऐसे भयानक रूप के पीछे की सच्चाई कुछ और ही थी।

एक रात को में और मेरे पति सो रहे थे वंही पे अचानक मुझे महसूस हुआ की मेरे पति लंबी लंबी साँसे ले रहे थे, और नींद मैं ही बोल रहे थे की मुझे माफ़ करो, अब बस करो, अब बस करो, मुझे अब छोड़ दो, जो भी हुआ है उसमें मेरा कुछ भी कसूर नहीं है। यह सब सुनके तो मेरे रुवाटे खड़े हो गए। मैंने तुरंत ही उनको जगा दिया, और पूछा की क्या बात है? आप से कौन सी भूल हुई है? आप नींद में क्या बोल रहे थे?

मेरे पतिने बातको टालने की कोशिश की ओर कुछभी बोले बिनाही सो गए। मैंने फिरसे वही सवाल किया। उस समय वो गुस्से में आके मुजे एक जोरदार चाटा लगा दिया। ये पहली बार हुआ था कि उन्होंने मुझपर हाथ उठाया हो। उसी रात को मैंने तह करदिया की मैं यह रहस्य को जानके ही रहुंगी।

दूसरे दिन मैंने अपनी सांस से उनके बेटेकी कसम दिलाकर सारी सच्चाई के बारे मे जान लिया की हमारी शादी से पहले मेरे पतिकी दूसरी लड़की के साथ सगाई हो चुकी थी ओर तीन महीने के अंदर वो सगाई टूट चुकी थी। सगाई टूट ने कारण वो लड़किने पंखे से लटकर आत्महत्या कर ली थी ओर वही लड़की अब प्रेत बनकर मेरे पति को हैरान कर रही है।

इस बात के कारण कोईभी परिवार अपनी बेटी देने के लिए तैयार नही हो रहे थे। इसी लिए उन्होंने ये बात हमसे छुपाई थी। उस रात मैं अपने पति से खूब लडाई की ओर मैंने छुटाछेड लेने का फैसला कर लिया। क्योंकि इतनी बड़ी सच्चाई हमसे छुपकर हमे धोका दिया था। एक रात को करीबन रात के 2 बजे मुजे जगाकर बोले कि “तुम इस कमरे से बाहर निकल जाओ” उस समय उनकी आंखें खुनसे लाल-चोर हो गई थी ओर मेरे सामने इस तरीके से देख रहे थे कि मैं कोई पराई व्यक्ति हु। मुजे पता था कि इस समय अगर मैं विरोध करूँगी तो वो मेरे साथ  मारपीट करेंगे। इसी लिए मैं चुप-चाप वंहा से बाहर निकल कर ड्रॉईंग रूम में आ गई, लेकिन मुजे नींद नही आ रही थी इसीलिए मैं यह सोच रही थी कि मेरी आगे की जिंदगी कैसे बीतेगी? उसी समय बैडरूम से किसीके बात करने आवाज आने लगी मेरा हदय डर के मारे कांपने लगा कियोंकि कमरेमें मेरे पति के अलावा वहाँ पे कोई नही था। मैं तुरंत कमरे से झाँख कर देखा तो मेरे तो होस ही उड़ गए।

हमारे कमरे में पंखे पर लास लटक रही थी और मेरे पति लास के नीचे बैठके जोर जोर से रो रहे थे ओर पास में खड़े हुए एक पड़छाई से बात कर रहे थे। ये सब देखने के बाद मुजे तो चक्कर आने लगे। मैंने तुरंत ही मेरे सांस ओर ससुरजी को उठाया ओर बेडरूम का दरवाजा खोलने के लिए कहा।

थोड़े ही देरमें मेरे पति बेडरूम में से बहार आ गए और अपनी सारी बातों से फिर गए ओर उस समय कमरमें कोई नही था। मैं दूसरे ही दिन अपने माता पिता के वहाँ चली गई और सारी सच्चाई बात दी। मेरे पिता मुजे एक साधु के वहाँ ले गई। मेने उनको भी सारी बातें बता दी। तब उन्होंने जो कहा वो एक चौकाने वाला रहस्य था।

उन्होंने मेरे पति की कुंडली देखकर बोला कि, “जिस लड़की के साथ तुम्हारे पति की सगाई टूट गई वो तुम्हारे पति और घरवालों के त्रास के कारण मर गई थी ओर तभी से वो लड़की एक प्रेत बनकर उन सब से बदला ले रही है।” तभी से उस लड़की की प्रेत आत्मा ने तुम्हारे पति के शरीर, मन और दिमाग पे कब्जा कर रखा है। ओर वो कभी भी अपना बदला लेने के लिए कभी भी हमला कर शकती है।

दूसरे ही दिन मैंने छुटाछेड़ा लेने के लिए कागजाद तैयार कर लिए। छुटाछेडा लेने के बाद में उस भयानक वातावरण से बाहर आ गई। मेरी खुसनशीबी है कि मैं जिंदा ओर सही सलामत हु। क्योंकि मुजे लगता था कि मेरे पति और उनकी पहले की मंगेतर मेरी जान भी ले शकते थे।

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