मंदिर के पुजारी की प्रेत आत्मा – Horror Story in Hindi

Horror story in hindi – मंदिर के पुजारी की प्रेत आत्मा :-
          आज मैं बहोत ही खुश हूं क्योंकि आज पूरे 11 साल बाद अमेरिका से मेरा दोस्त अपनी पढ़ाई पूरी करके वापस लौट रहा है। उसने भौतिक शास्त्र के विषय पर पीएचडी की हुई है। उसका मानना ये है कि दुनिया में जो भी कुछ हो रहा है उसमे कही ना कही physics छुपा हुआ होता है। खेर जो भी हो, पर इस कहानी में ऐसा तो क्या हुआ कि उसकी physics भी काम नही आई। चलिये आज हम पूरी कहानी बताते है।
          जब वो अमेरिका से वापस आया तो सीधा मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पे आ गया ओर आकर ही मुझसे गले मिल गया। मैं भी उसे देखकर बहोत खुश हो गया। मैंने बोला “अरे शिवम, अमेरिका से कब लौटा? मुजे बताया भी नही?” आज ही लौटा हु, तुम्हे सप्राइस देना चाहता था इसी लिये मैंने तुम्हें नही बताया। और बता, क्या हाल चाल है? घर में सब कैसे है? मैंने कहा “सब बढ़िया है और घर में भी सब अच्छे है। तू बता, तू कैसा है? तुम्हारी पढ़ाई पूरी गई क्या? “हा, मेरी पढ़ाई तो complete हो गई और अब मैं हमेशा के लिए इंडिया वापस आ गया हूं। अब हम दोनों मिलके खूब मस्ती करेंगे।” मैंने कहा, “ठीक है, ठीक है, पर आज तुम्हे मेरे घर पे खाना खाने के लिए आना पड़ेगा।” वो बोला, “जरूर आऊंगा, ओर है उसके बाद हम कही घूमने के लिए जाएंगे, कुछ तूफानी करेंगे, ठीक है ना! मैंने बोला, “ठीक है..”
उसके बाद हम दोनो ने रात को खाना खाने के बाद हमारे गांव के पुराने मंदिर में घूमने के लिए गए।
मेने बोला, “शिवम, क्या तुम्हे पता है ये मंदिर बहोत ही ज्यादा प्रचलित है।” उसने हैरान होके बोला “ओह तो ये है तुम्हारा तूफानी अंदाज..! क्या यार तुजे कोई अच्छी जगह नही मिली, की तू मुझे यहां ले आया.. मंदिर!”
मेने बोला, “तुम चलो तो सही बहोत मजा आयेगा। लोगो का मानना यह है कि यह भूत-प्रेत जैसी आत्माए रहती है।”
शिवम : “क्या सच मैं! यहाँ पे भूत है। क्या तुम भी मजाक कर रहा हो? में नही मानता।”
मेने बोला, “ठीक है, हम दोनो साथ मैं जाते है और पता लगाते है, की सच मैं भूत है कि नही।”
फिर हम दोनों मंदिर के अंदर चले गए। मंदिर काफी बड़ा था और थोड़ा भयानक भी लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि कई दिनों से यह साफ सफाई नही हुई है। फिर हम ने मंदिर के पुजारी से बात की। 
“पंडित जी, हम ने सुना है कि यहाँ आस पास कोई भूत का निवास है, क्या यह बात सही है?
यह सुनकर वो पुजारी हमको घूरने लगा और बोला, “चले जाओ यहाँ से, ये जगह तुम्हारे लिए सही नही है।”
मेने बोला, “क्यों, पंडित जी?”
पंडित जी : आओ मेरे साथ, में आपको बताता हु। 
     इतना कह के वो हमे एक कमरे मैं ले गया ओर हम जैसे ही अंदर गए तो वो पुजारी ने बाहर से उस कमरे को लोक कर दिया। यह देख कर में ओर मेरा दोस्त शिवम गभरा गए। वहाँ पे अंदर जाके देखा तो हमारे तो होश ही उड़ गए। वहाँ उस रूम के अंदर कई सारे कंकड़ ओर हाड़पिंजर पड़े थे। और बहोत ज्यादा गंदी बास आ रही थी। उतने मे ही पीछे से दो बड़े और भयानक दिखने वाले आदमी आये। उन्हें देख कर ऐसा लग रहा था कि वो कोई साधारण इन्सान नही बल्कि मांस और खून पीने वाले नरभक्षी है। यह सब देख कर हम बहोत डर गए, हमने तो मान ही लिया था कि अब हम जिंदा नही बचेंगे। 
     फिर उन दोनोने हमे कस के पकड़ा और हमे एक कोने मैं गए। फिर हम दोनों बहुत चिल्लाए बचाओ बचाओ लेकिन कोई बचाने के लिए नहीं आया। इतने में ही हो पंडित जी एक बड़ी चमत्कारिक तलवार लेकर हमारे रूम में आए। फिर उन तीनों ने रूम में आग लगा के मंत्रोच्चार करना शुरू कर दिया। हमने यह सब देख कर डर के मारे और ज्यादा जोर जोर से चिल्लाने लगे। ठीक उसी समय किसी ने बाहर से हमारे रूम का दरवाजा खटखटाया। दरवाजे की खड़ खड़ाहट सुनकर उन तीनों ने रूम की आग बुझा दी और दूसरे कमरे में चले गए। हमने तुरंत ही उठकर उस रूम का दरवाजा खोल दिया।
     दरवाजे के सामने उस मंदिर के ट्रस्टी और आसपास के रहने वाले लोग खड़े थे। हम कुछ बोले उससे पहले उन लोगों ने हमें धमकाना शुरू कर दिया, “तुम दोनों कौन हो?, यहां मंदिर में चोरी करने के लिए आए हो?, सच बताओ वरना हम पुलिस को बुलाएंगे।” 
     हमने सब सच बता दिया लेकिन उन लोगोको हमारी बातो पे भरोसा नही हो रहा था, बल्कि उल्टा हमे डाँटने लगे, “तुम दोनों क्या बोल रहे हो?, नशा करके आये हो क्या?, ये मंदिर कई सालों पहले खंडेर हो चुका है, यंहा कोई पुजारी नही है। अब चलो यंहा से वरना हम पोलिस को बुलाएँगे।” यह सुनकर हमारे तो होश ही उड़ गए। क्यंकि हम ने अभी तक जो देखा वो कई इंसान नही बल्कि उनकी प्रेत आत्माए ही। हम तुरंत ही मंदिर से बाहर नकल गए।
      बाहर निकलते समय मेने मंदिर की खिड़की से अंदर देखा तो वो तीनो वंही पे मौजूद थे और मुजे देख कर हँस रहे थे। में ओर मेरा दोस्त तुरंत बाइक लेके घर पहोच गए। 
आज भी मैं उसके बारे में सोचता हूं तो भी मेरा हदय डर के मारे कांपने लगता है।
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